शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

सभ्य समाज का सच

हल्द्वानी एक सेक्स रैकेट के खुलासे ने सभ्य समाज का नग्न रूप प्रस्तुत किया है. पिछले कुछ सालों में हल्द्वानी की फिजा इस कदर बिगड़ी है की ये अपराध नगरी के रूप में जाने जानी लगी है. भू माफियाओं और  रेत माफियाओं के लिए मशहूर हल्द्वानी अब अंडरवर्ल्ड के कार्यवाही और काल गर्ल सप्लाई केन्द्रों के रूप में  विकसित हो रही है. ये एक नया शगल नहीं है, दरअसल ये सिलसिला कई सालों से चल रहा है, कालगर्ल सप्लाई का और आश्चर्यजनक रूप से इसमें पत्रकारों और पुलिस की भूमिका भी इस कृत्य को और शर्मनाक बनाती है. हल्द्वानी के मुखानी कालोनी में पकडे गए सेक्स रैकेट जिसमें हल्द्वानी के अतिरिक्त दिल्ली और रामनगर की लडकियां  भी शामिल हैं इस कड़ी का एक नया शगूफा है, पिछले कुछ सालों से हल्द्वानी में सेक्स रैकेट खूब पनप रहा है, इसमें अधिकतर मध्यवर्गीय परिवारों से सबंधित महिलायें हैं, बाकायदा दलालों के जरिये सुनियोजित नेटवर्क के जरिये इस धंधे को किया जा रहा है, इस बार पकड़ी  गयी स्कैंडल सरगना बसन्ती बिष्ट पहले भी अपनी बेटी के साथ जेल जा चुकी है, शानदार एसी और सभी सुविधाओं से लैस हल्द्वानी की पाश कालोनी में रहने वाली बसन्ती ने आरोप लगाया है की एक स्थानीय पत्रकार और पुलिस अधिकारी को वो बाकायदा पैसा देती रहीं हैं... हल्द्वानी के पत्रकारों पर ऐसे आरोप पहले भी कई बार लग चुके हैं, लेकिन कभी कोई नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता है, आम आदमी की पोल खोलने वाले मीडिया का रूख ही ऐसा हो तो क्या किया जाय? असल में मीडिया भी इस बारे में ईमानदारी से काम नहीं कर रहा है. जहां सेक्स रैकेट की संचालिका का नाम तो सार्वजनिक कर दिया लेकिन पकड़ी गयी लड़कियों का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता है और नहीं इससे जुड़े ग्राहकों का नाम पता किसी को मालूम पड़ता है और लचर क़ानून के चलते जल्द ही सब आजाद हो जाते हैं. वैसे तो छोटी छोटी बातों पर सड़कों में आने वाली जनता भी इनका मूक समर्थन करती दिखती हैं. तभी तो कई बार पकडे  जाने के बाद भी इनका काम बदस्तूर जारी रहता है और सच तो यह है की इन्हें एक पहचान मिल जाती है.
(इनसाईट स्टोरी रोमिंग संवाददाता)

2 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

्विचारणीय आलेख्।

Mantra Insight ने कहा…

वन्दना जी आपकी छोटी टिपण्णी ही काफी होती है.