शनिवार, 11 जून 2011

एक नया विवाद और कांग्रेस

रामदेव से ट्रस्ट का हिसाब किताब मागने वाली कांग्रेस अब खुद एक विवाद में फंस गयी है, ताजा ख़बरों के मुताबिक़ प्रधानमंत्री की चंडीगढ़ की संपत्ति की कीमत आधी से भी कम आंकी गयी है, आज जब प्रधानमंत्री की सम्पत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया गया तो उस पर ये नया विवाद खडा हो गया और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पर सफाई भी पेश कर डाली की ये चार साल पुरानी कीमत बताई गयी है, लेकिन ये बात हजम नहीं हो रही है की जिस ब्योरे को आज जारी किया गया है उसमें चार साल पुरानी कीमत बताने का औचित्य क्या है? मनमोहन सिंह के पास चंडीगढ़ में एक घर है, जिसकी कीमत को लेकर ये नया विवाद खड़ा हुआ है, वैसे ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बदनाम इस सरकार की मुसीबत बढ़ने को ये काफी है, अब चाहे प्रधानमंत्री कार्यालय कोई भी सफाई दे लेकिन जवाबदेही तो सरकार और खुद प्रधानमत्री की भी बंटी है, क्योंकि ये मामला खुद उनकी अपनी संपत्ति को लेकर है. देखना ये है की अब सरकार और प्रधानमंत्री का क्या रूख होता है?
(आशुतोष  पाण्डेय

2 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

कुछ नही होगा अपनी बात को ही ऊपर रखेंगे और यहां विपक्ष इतना ताकतवर नही है कि इस मुद्दे को उछाल सके।

Kailash C Sharma ने कहा…

कितना विश्वास किया जाए संपत्ति के दिए गये ब्योरों पर..सब दिखावा है..